कुरुक्षेत्र, 14 अक्टूबर 2026। शारदीय नवरात्र के चौथे दिन श्री देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ में श्रद्धा और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। चतुर्थ नवरात्र के अवसर पर मां भद्रकाली का मां कुष्मांडा स्वरूप में विधिवत पूजन किया गया। शाम को श्री देवीकूप पर 505 ज्योत महाआरती का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। देश और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख, समृद्धि, आरोग्य और शक्ति की कामना की।
मंगल आरती के साथ हुई दिन की शुरुआत
शक्तिपीठ में दिन की शुरुआत सुबह 6 बजे मंगल आरती से हुई। मंदिर की मुख्य पुजारिन शिमला देवी ने विधिवत आरती संपन्न करवाई। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में देवी दयाल शर्मा उपस्थित रहे।
मां भद्रकाली को स्नान करवाने के बाद हरी इलायची, सौंफ, लाल पुष्प और लाल चूड़ियां अर्पित की गईं। इसके बाद मां को प्रिय मालपुओं का भोग लगाया गया।
पीठाध्यक्ष पं. सतपाल शर्मा ने बताया कि नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है।
श्रद्धालुओं ने मंत्र जाप कर की परिक्रमा
मंदिर परिसर में श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर मां भद्रकाली की परिक्रमा करते नजर आए। इस दौरान भक्तों ने ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप किया। पूरे परिसर में भजन, मंत्रोच्चार और मां के जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।
नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारों का भी आयोजन किया गया। नवरात्रि व्रत भंडारे का आयोजन सुबह 10 बजे प्रेमा देवी, जोगिंदर सिंह, ऋतु एवं सुरेंद्र सिंह की ओर से तथा दोपहर 12 बजे उपेंद्र कुमार की ओर से करवाया गया। वहीं, नवरात्रि अन्नपूर्णा भंडारे का आयोजन सुबह 10 बजे ईशान सिंह, सुपुत्र रमन की ओर से और दोपहर 12 बजे सुभाष कोड़ा की ओर से किया गया।
लखबीर सिंह लक्खा के भजनों ने बांधा समां
भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा एवं उनकी पार्टी ने मां की भेंटें प्रस्तुत कीं। भजनों को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और भक्तिमय वातावरण में मां की आराधना की।
505 ज्योत महाआरती रही विशेष आकर्षण
शाम 6 बजे श्री देवीकूप पर 505 ज्योत महाआरती का आयोजन किया गया। नवरात्र के दौरान शक्तिपीठ में होने वाली यह महाआरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहती है। महाआरती में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में सजे बच्चों, भारत माता तथा त्रिदेवी स्वरूप में सजी बालिकाओं का पूजन किया गया।
इस दौरान श्री देवीकूप पर पीठाध्यक्ष और मंदिर के गर्भगृह में मुख्य पुजारिन ने आरती संपन्न करवाई। आरती में चंवर, मोर पंख, झंडा, शंख, इत्र, पुष्प, पंचामृत और घंटी सहित विभिन्न पूजन सामग्री का उपयोग किया गया। श्रद्धालुओं को आरती का धार्मिक महत्व समझाने के लिए पीठाध्यक्ष का वक्तव्य भी शामिल किया गया।
महाआरती के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सन्नी मारवाह उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर मां भद्रकाली के समक्ष शीश नवाया।
नवदुर्गा शक्ति हवन में दी आहुतियां
शाम 7 बजे श्री नवदुर्गा शक्ति हवन का आयोजन किया गया। इस दौरान लायंस क्लब के प्रधान संदीप कुमार ने मुख्य रूप से हवन में आहुतियां अर्पित कीं। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।
इस अवसर पर मंदिर के उपाध्यक्ष डॉ. एम.के. मौदगिल, सेवा प्रमुख देवेंद्र गर्ग, संयोजक सुनील वर्मा, आशीष दीक्षित, अनिल अन्नू, रामपाल लाठर, हाकम चौधरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और श्रद्धालु मौजूद रहे।
चतुर्थ नवरात्र पर आयोजित पूजा, भजन संध्या, 505 ज्योत महाआरती और नवदुर्गा शक्ति हवन के साथ श्री देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ में दिनभर धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।




