कुरुक्षेत्र: शहर के गांधीनगर इलाके में नशे की रोकथाम के लिए पहुंची हरियाणा पुलिस की SWAT टीम के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, टीम नशे की बिक्री की सूचना पर कार्रवाई के लिए पहुंची थी। इसी दौरान कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया।
मामले में विजय नामक युवक समेत कुछ लोगों पर पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार करने और एक पुलिसकर्मी पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर, विजय के परिजनों ने पुलिस पर उसे बिना वजह हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
नशे की बिक्री की सूचना पर पहुंची थी SWAT टीम
पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को SWAT टीम गांधीनगर के वाल्मीकि चौक के पास नशे की रोकथाम के लिए मौजूद थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि गांधीनगर की गली नंबर-1 में दीपक नामक व्यक्ति कथित तौर पर नशा बेच रहा है।
सूचना के आधार पर टीम दीपक के घर के सामने पहुंची। वहां एक बाइक खड़ी मिली। पुलिस टीम ने आसपास मौजूद लोगों से बाइक के संबंध में पूछताछ की। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
बताया गया कि विवाद बढ़ने पर मौके पर अन्य लोग और महिलाएं भी पहुंच गईं। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान टीम के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया गया।
ASI के सिर पर नुकीली चीज से हमला करने का आरोप
SWAT टीम के ASI राज कुमार की शिकायत के मुताबिक, विवाद के दौरान विजय ने कथित तौर पर जेब से नुकीली वस्तु निकालकर उनके सिर पर वार किया।
पुलिस शिकायत में महिंद्र सिंह पर भी एक पुलिसकर्मी के पेट और कंधे पर थप्पड़ व मुक्के मारने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि टीम को दोबारा नशे की रोकथाम के लिए इलाके में आने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
विजय की हिरासत के विरोध में पुराने बस स्टैंड पर जुटे लोग
पुलिस कार्रवाई के बाद विजय को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने पर उसके परिजन और स्थानीय लोग पुराने बस स्टैंड के पास पहुंच गए। परिवार का आरोप था कि विजय को बिना किसी स्पष्ट वजह के पुलिस अपने साथ ले गई है।
लोगों ने विजय को छोड़ने की मांग करते हुए सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। इससे मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद लोग शांत हुए और वापस लौट गए।
नशे के खिलाफ कार्रवाई में बाधा बर्दाश्त नहीं: SHO
थाना कृष्णा गेट के SHO निरीक्षक नरेश कुमार ने कहा कि नशे की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस SWAT टीम के साथ कथित मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने और धमकी देने के आरोपों की जांच कर रही है। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




