कुरुक्षेत्र/पिहोवा: करीब सात साल पुराने पिहोवा के चर्चित बुधराज हत्याकांड में अदालत ने पत्नी और उसके पड़ोसी प्रेमी को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में 590 फोन कॉल, SMS रिकॉर्ड, DNA रिपोर्ट और घायल पति की गवाही समेत कई सबूत अहम साबित हुए।
मामला मई 2019 की उस रात का है, जब पिहोवा क्षेत्र के गुमथला गढ़ू गांव में बुधराज को उसके घर के आंगन में चारपाई पर सोते समय पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गया था।
नींद की गोलियां देकर किया गया बेसुध
पुलिस जांच के अनुसार बुधराज को पहले खाने में नींद की गोलियां दी गईं। उसके सो जाने के बाद उसके हाथ चारपाई से बांधे गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। आग की लपटों से उसकी नींद खुल गई।
बुधराज ने अपने बयान में बताया था कि आग लगने के दौरान उसने अपनी पत्नी सीना और पड़ोसी श्याम लाल को चारपाई के पास देखा था। उसके हाथ-पांव तांबे के तार से बंधे हुए थे।
मौके से मिले कई अहम सबूत
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। FSL टीम ने घटनास्थल की जांच की और वहां से तांबे के तार के तीन टुकड़े, माचिस, अधजली तीलियां, जली हुई प्लास्टिक की बोतल, राख और जले कपड़े सहित कई सामान बरामद किए।
गंभीर रूप से झुलसे बुधराज को परिवार ने पिहोवा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसके चाचा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
590 कॉल ने खोली रिश्तों की परत
जांच के दौरान पुलिस ने सीना और श्याम लाल के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगाली। साइबर सेल और टेलीकॉम रिकॉर्ड से पता चला कि 17 जनवरी से 29 मई 2019 के बीच दोनों के बीच 590 फोन कॉल और 10 SMS हुए थे।
पुलिस के अनुसार घटना से पहले दोनों के बीच लगातार संपर्क था। यह रिकॉर्ड अभियोजन पक्ष के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बना।
DNA रिपोर्ट भी बनी अहम सबूत
श्याम लाल की परचून की दुकान सीना के घर के नजदीक थी। जांच में दोनों के बीच लंबे समय से संबंध होने की बात सामने आई।
FSL जांच में सीना के कपड़ों से मिले जैविक नमूने का DNA श्याम लाल के DNA से मेल खाने की बात सामने आई। अभियोजन पक्ष ने इसे दोनों के बीच शारीरिक संबंधों की वैज्ञानिक पुष्टि के तौर पर अदालत के सामने रखा।
पति को रास्ते से हटाने की बनी योजना
जांच एजेंसियों के मुताबिक श्याम लाल सीना को नींद की गोलियां देता था, जिन्हें वह बुधराज के खाने में मिला देती थी। इससे बुधराज के सो जाने के बाद दोनों को मिलने का मौका मिलता था।
बाद में बुधराज को पत्नी और पड़ोसी के बीच चल रहे संबंधों पर शक हो गया था। पुलिस का दावा था कि दोनों को आशंका थी कि बुधराज उनके संबंधों में बाधा बन सकता है। इसी के बाद उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
रात करीब 3 बजे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार 26 मई 2019 की रात बुधराज को खाने में नींद की गोलियां दी गईं। उसके सो जाने के बाद रात करीब तीन बजे उसके हाथ चारपाई से बांधे गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
घटना में बुधराज बुरी तरह झुलस गया। हालांकि वह बच गया और बाद में उसने पुलिस तथा अदालत के सामने घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य बताए।
पत्नी के व्यवहार से परिवार को हुआ शक
घटना के बाद सीना के व्यवहार ने भी परिवार के लोगों का शक बढ़ाया। बुधराज की हालत गंभीर होने के बावजूद उसके अस्पताल न पहुंचने की बात भी सामने आई। पूछताछ के दौरान पुलिस को उसके बयानों में विरोधाभास मिले।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने सीना और श्याम लाल की भूमिका को लेकर सबूत जुटाए और दोनों को गिरफ्तार किया।
फैसले से पहले हो गई बुधराज की मौत
मामले की सुनवाई के दौरान बुधराज की गवाही को महत्वपूर्ण माना गया। हालांकि अदालत का अंतिम फैसला आने से कुछ महीने पहले बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई।
इसके बावजूद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाही, कॉल रिकॉर्ड और वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों के आधार पर सुनवाई पूरी की। करीब सात साल बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सीना और श्याम लाल को दोषी ठहराते हुए दोनों को 7-7 साल की कठोर कैद और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।




