कनाडा सरकार ने हाल के महीनों में भारतीय छात्रों के अध्ययन वीज़ा आवेदनों पर कड़ी कार्रवाई की है। आंकड़ों के अनुसार, अब लगभग 74% आवेदन अस्वीकृत किए जा रहे हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कनाडा में बढ़ती जनसंख्या, सीमित हाउसिंग, और विश्वविद्यालयों पर बढ़ते दबाव से जुड़ा है। इसके साथ ही, कुछ संस्थानों पर छात्रों को गुमराह करने और अवैध एजेंसियों की बढ़ती गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आई हैं।
कनाडा के इमिग्रेशन विभाग का कहना है कि वे “केवल वैध शैक्षणिक उद्देश्यों वाले आवेदकों” को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे उन छात्रों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं जो 2025 के सत्र के लिए आवेदन कर रहे हैं।
भारत में शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अब छात्रों को आवेदन करते समय विश्वसनीय कॉलेजों का चयन, सही दस्तावेज़, और पारदर्शी एजेंसी की सहायता लेना आवश्यक है। कई छात्र अब ऑस्ट्रेलिया, यूके और जर्मनी जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।




